बिरा रामदेव रे, बाई ने एकर लेवण आय
अलगो घणों सासरो रे वीरा, माय मिलन रो चाव

अलगी घणी परणाई बीरा,लीनी नाय संभाल
जीव अमुझे म्हारो धोरिया में,पड़े काल पर काल,
बीरा रामदेव रे..........

बिने दोनों झुरे रे बीरा,बुड्ढा मायड़ बाप
अलगो लगन लिखायो जोशी तने,खायोना कालोनाग
बीरा रामदेव रे..........
 
सासु जितरो सासरो रे वीरा,माता जीतरो पीर
जद भावज घर शाम सी रे,बस ने चाले बीर
बीरा रामदेव रे..........

एकर बीर दिखा दे रे म्हाने,पिवरिये रा रूप
ना जाणे कद होवसी बीरा,म्हारे रुणिचे में धूम
बीरा रामदेव रे..........

ओलयुं सुगना बहनड़ी रे बीरा,"पन्नालाल" कथ गाय
पीर कहे मां हुक्म देवो तो,रत्नो पुंगल जाय
बीरा रामदेव रे..........

बिरा रामदेव रे, बाई ने एकर लेवण आय
अलगो घणों सासरो रे वीरा, माय मिलन रो चाव