तर्ज: आने से उसके आये बहार
चालो रे भक्तो चालो थे साथ,आयो बुलावो बाबे को आज
चालो रे भक्तो चालो थे साथ,आयो बुलावो बाबे को आज
साथी सब मिलकर के,चालां रामधणि के..........
रुणीचे मैं मंदिर,बण्यो बाबेरो बड़ो भारी
मांग के देखले,इच्छा पूरी वो करसी तुम्हारी
इच्छा तुं,मन में कर
पूरी तो करेला वो,चालां रामाधणी के..........
राक्षस भैरव को मारा,मिटाया भूमि का भार वो सारा
बाली नाथ का प्यारा,मां मैणादे का है दुलारा
कलयुग में,लीनो है
हरी अवतार यहां,चालो रामाधणी के..........
हिंदू मुस्लिम सिख,यहां है सब भाई भाई
राजा रंक फकीरा,यहां उनचो न निचो है कोई
सबकी वो,सुनता यहां
कहता है 'पवन कुमार' चालो
रामाधणी के..........
चालो रे भक्तो चालो थे साथ,आयो बुलावो बाबे को आज
चालो रे भक्तो चालो थे साथ,आयो बुलावो बाबे को आज
साथी सब मिलकर के,चालां रामधणि के..........
हिंदू मुस्लिम सिख,यहां है सब भाई भाई
राजा रंक फकीरा,यहां उनचो न निचो है कोई
चालो रे भक्तो चालो थे साथ,आयो बुलावो बाबे को आज
चालो रे भक्तो चालो थे साथ,आयो बुलावो बाबे को आज
रचयिता पवन लाहोटी